Dharm & religion; Vigyan & Adhyatm; Astrology; Social research

Dharm & Religion- both are not the same; Vigyan & Adhyatm - Both are the same.....

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नेताजी – जिन्दा या मुर्दा ३१. प्रश्न २०. पर्याप्त समय होते हुवे भी कर्नल रहमान ने नेताजी के प्रमुख सहयोगियों (जो उस समय साईंगोन में थे) को दाह संस्कार में सम्मिलित होने के लिए क्यों नहीं सूचित किया ?

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जब कोई व्यक्ति मरता है तो उस समय उसके पास जो भी सर्वाधिक उत्तरादायी व्यक्ति होता है उसका यह कर्तव्य हो जाता है कि वह मृतक के घनिष्ट रह चुके व्यक्तियों को सूचित करे | कर्नल रहमान कम से कम नेताजी के उन पांच प्रमुख सहयोगियों (सर्वश्री एस. ए. अय्यर, देवनाथ दास, कर्नल प्रीतम सिंह, कर्नल गुलजारा सिंह एवं मेजर आबिद हसन ) को तो अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने के लिए बुला ही सकते थे जो साईंगोन में नेताजी के पास पहुँचने की प्रतीक्षा कर रहे थे | इन व्यक्तियों को बुलवाने के लिए कर्नल रहमान के पास पर्याप्त समय भी था तो फिर……

*२०*
पर्याप्त समय होते हुवे भी कर्नल रहमान ने नेताजी के प्रमुख सहयोगियों (जो उस समय साईंगोन में थे) को दाह संस्कार में सम्मिलित होने के लिए क्यों नहीं सूचित किया ?
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