Dharm & religion; Vigyan & Adhyatm; Astrology; Social research

Dharm & Religion- both are not the same; Vigyan & Adhyatm - Both are the same.....

157 Posts

268 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 954 postid : 805

क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हंसीं ईनाम हैं ये

Posted On: 27 Apr, 2011 मस्ती मालगाड़ी में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

छु लेने दो नाजुक होठों को
गायक : रफ़ी
फिल्म : काजल

छू लेने दो नाज़ुक होठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये, छू………
क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हंसीं ईनाम हैं ये, छू………

शरमा के न यूँ ही खो देना, रंगीन जवानी की घड़ियाँ – 2
बेताब धड़कते सीनों का, अरमान भरा पैगाम है ये, छू …

अच्छों को बुरा साबित करना, दुनिया की पुरानी आदत है – 2
इस मै को मुबारक चीज़ समझ, माना की बहुत बदनाम है ये,
छू लेने दो नाज़ुक होठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये, छू………
क़ुदरत ने जो हमको बख़्शा है, वो सबसे हंसीं ईनाम हैं ये, छू………

- Dhiraj kumar (9.9.1990)(11.3.2011)

| NEXT



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 1.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran